सांप के पास मिली नागमणि के बारे में क्या हे सच्चाई, देखे Video

सांप के पास मिली नागमणि के बारे में क्या हे सच्चाई, देखे Video

मालूम हो कि हिंदू धर्म में सांप यानि नाग को शिव (shiva) का प्रिय माना जाता है। इसलिए नाग पंचमी पर उनकी पूजा की जाती है। पुराणों में नाग और नागमणि से जुड़े कई किस्से मौजूद हैं। ज्योतिषशास्त्र के एक प्रमुख ग्रंथ वृहत्ससंहिता के अनुसार संसार में मणिधारी नाग मौजूद हैं। नागमणि चूंकि सांप के सिर पर मौजूद होती है इसलिए इसे सर्प मणि भी कहते हैं। नागमणि में इतनी चमक होती है कि जहां यह होती है वहां आस-पास तेज रोशनी फैल जाती है। नागमणि मोर के कंठ के समान और अग्नि के समान चमकीली दिखती है। कहा जाता है कि यह मणि जिसके पास होती है उस पर विष का प्रभाव नहीं होता है।

भारतीय संस्कृति में सांप को बहुत महत्व दिया गया है। पुराने समय से ही सांप और नागों से जुड़ी कई किवदतियां हमारे समाज में प्रचलित हैं। यही नहीं इन्हें मृत परिजनों या पितृ मान कर भी पूजा जाता है। लेकिन बहुत लंबे समय की इस यात्रा के दौरान सांपों के साथ कुछ ऐसे अंधविश्वास भी जुड़ गए जो सत्य नहीं हैं लेकिन जिनके नाम पर आम आदमी ठगा जाता है। यही नहीं इन अंधविश्वासों के कारण सांपों को भी जाने-अनजाने खतरा उठाना पड़ता है।

क्या इच्छाधारी सांप से मिले हैं आप?
यह ठीक वैसे ही है जैसे हिंदी फिल्मों में दिखाया जाता है कि हीरा चाटने से मौत हो जाती है। दोनों ही बातें पूरी तरह असत्य तथा अंधविश्वास है। आज से 60-70 वर्ष पूर्व तक ऐसी कोई कहानी भी नहीं होती थी। परन्तु पुरानी हिंदी फिल्मों से शुरू हुआ इस सिलसिले ने आम जनता में इच्छाधारी सांप होने के अंधविश्वास को बढ़ावा दिया।

वायरल हो रहे वीडियो में आप देख सकते हो की कैसे सांप पकड़ने वाले सांप को पकड़ रहे हे और दिखा रहे हे की कैसे और कहा नागमणि होती हे और इस भाई साहब का कहना हे की आज तक 100 साल से ज्यादा वाला सांप ही नहीं मिला हे तो नागमणि कहा से मिलेगी वैसे आज तक कही से भी नागमणि होने की घटना सामने नहीं आयी हे ऐ सिर्फ फिल्मे दिखाया करती हे

देखे Video :

आपकी जानकारी के लिए बता दे की sujay snake saver नामक एक यूट्यूब अकाउंट से यह वीडियो शेयर किया गया है और इन वीडियो में सांप ने सबका दिल दहला दिया हे । अब तक इस वीडियो को 80 लाख से ज्यादा लोग देख चुके है। अब तक इस वीडियो को 60 हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके है।

नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल)
[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Prime News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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