बार बार असफल होने पर भी किसान के इस बेटे ने नहीं मानी हार, IAS ऑफिसर बन किया जिले का नाम रोशन

बार बार असफल होने पर भी किसान के इस बेटे ने नहीं मानी हार, IAS ऑफिसर बन किया जिले का नाम रोशन

इंसान अपने जीवन में मन मुताबिक कामयाबी पाने के लिए हर संभव प्रयास करता है परंतु अक्सर देखा गया है कि कामयाबी पाने में ज्यादातर लोग असफल होते हैं। अगर आपको अपने जीवन में कामयाब होना है तो इसके लिए मजबूत इरादा होना बहुत ही आवश्यक है। अगर इंसान मेहनत करता है, और हौसला मजबूत है तो उसके लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है। आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जिसने अपनी कड़ी मेहनत से अपना लक्ष्य प्राप्त किया है। जी हां, तीन बार असफल होने के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते गए। आखिर में इनको अपनी मंजिल मिल गई।

हम आपको जिस शख्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं उनका नाम ओम कांत ठाकुर है जो बिहार के रहने वाले हैं। ओम कांत ठाकुर की यूपीएससी जर्नी बेहद खास रही थी। इन्होंने इस परीक्षा के कुल चार अटेम्पट्स दिए थे। जब इन्होंने पहला प्रयास किया था तो इनका चयन नहीं हो पाया था। उसके बाद इन्होंने तीन प्रयास और किए। इन तीनों प्रयासों में यह सिलेक्ट हुए पर इनकी रैंक इतनी अच्छी नहीं आई थी। इन्होंने अपनी रैंक सुधारने के लिए बार-बार परीक्षा दी थी। वर्ष 2019 की यूपीएससी सीएसई परीक्षा में ओम कांत ठाकुर को अपने मन मुताबिक 52वीं रैंक हासिल हुई।

ओम कांत ठाकुर का बैकग्राउंड

आपको बता दें कि ओम कांत ठाकुर बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले हैं और इनके पिता किसान हैं। ओम कांत ठाकुर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई बिहार बोर्ड हिंदी मीडियम से की थी। बाद की शिक्षा उन्होंने अंग्रेजी माध्यम से की। ओम कांत ठाकुर ने एनआईटी पटना से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन किया है। यह डिग्री हासिल करने के बाद यह नौकरी करने लगे थे, लेकिन इनका सपना तो कुछ और ही था, जिसके चलते इनका मन नौकरी में नहीं लगा था। ओम कांत ठाकुर ने यूपीएससी की तैयारी करने की योजना बनाई लेकिन नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी करना बहुत मुश्किल था। दोनों चीजें एक साथ ढंग से नहीं हो पा रही थीं। तब इन्होंने अपनी नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया और अपना पूरा ध्यान परीक्षा की तैयारी में लगा दिया। यह अपने भाई के पास दिल्ली आ गए और यहां पर इन्होंने कोचिंग ज्वाइन की। इन्होंने कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी अधिक की। इन्होंने पहली परीक्षा वर्ष 2016 में दी थी, जिसमें इनका चुनाव नहीं हुआ था। तब इन्होंने कोचिंग छोड़कर खुद तैयारी की।

तीन बार हुए असफल

ओम कांत ठाकुर को जब पहले अटेम्पट में सफलता नहीं मिली तो इन्होंने अपनी हिम्मत नहीं हारी और लगातार कोशिश करते रहे। दूसरे प्रयास में इनको सफलता मिली, जिसमें इनकी रैंक 396वीं आई थी परंतु अपनी इस रैंक से यह बिल्कुल भी खुश नहीं थे, इसलिए इन्होंने दोबारा परीक्षा देने की ठानी। इस बार इनकी रैंक 292वीं आई, जिससे उन्हें इंडियन ट्रेड सर्विस एलॉट हुई थी, जिसमें वह कार्यरत है। लेकिन कहीं ना कहीं यह खुश नहीं थे। तब इन्होंने चौथा प्रयास किया और चौथे प्रयास में इनकी रैंक 52वीं आई। इस प्रकार से इनको मनचाही सफलता हासिल हुई।

यूपीएससी की तैयारी कैसे करें

ओम कांत ठाकुर का ऐसा कहना है कि मेंस के लिए डिटेल में पढ़ाई करनी होती है इसलिए आप अपनी किताबों को एक तय समय पर खत्म कीजिए। आपको आंसर राइटिंग का भी अभ्यास करना होगा। सभी पेपर का महत्व बराबर है। आपको अपना शेड्यूल तय करना होगा और आप अपनी रणनीति के अनुसार तैयारी करें। जो आपके अंदर कमियां हैं आप उनको दूर करने की कोशिश कीजिए। ओम कांत ठाकुर का ऐसा कहना है कि कभी भी जीवन में हताश नहीं होना चाहिए। जो लोग आपको पॉजिटिव बातें बताते हैं आप उन्हीं से बात करें। अगर आप कठिन मेहनत करेंगे तो आप परीक्षा को अवश्य पास कर पाएंगे।

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