देखिये Video- जिंदगी और मौत के बीच, पायलट ने करा दिया क्रैश लैंडिंग

देखिये Video- जिंदगी और मौत के बीच, पायलट ने करा दिया क्रैश लैंडिंग

कहते हैं न कि जाको राखे साइयां, मार सके न कोय। जी हां यह उक्ति एक बार पुनः सही साबित हुई है और इस बार यह वाकया नेपाल में देखने को मिला है। बता दें कि नेपाल में एक बहुत बड़ा विमान हादसा होते-होते चमत्कारिक रूप से टल गया है। सोमवार को नेपाल के बुद्ध एयर का एक विमान ईंधन खर्च करने के लिए करीब दो घंटे तक आसमान में मंडराता रहा।

विमान के लैंडिंग गियर में तकनीकी खराबी आ गई थी, इसलिए पायलट को उसे क्रैश लैंड करवाने के अलावा कोई विकल्प नहीं सूझ रहा था। पायलट ने कई बार कोशिशें की कि लैंडिंग गियर खुल जाए और वह काठमांडू एयरपोर्ट पर उसकी इमरजेंसी लैंडिंग करवा सके। लेकिन, हर कोशिश नाकाम चली गई। विमान के कुल 73 यात्रियों और क्रू मेंबर्स पर इन दो घंटों में क्या गुजरी, उसे शब्दों में बयां करना शायद मुमकिन नहीं है। लेकिन, जब पायलट क्रैश लैंड का आखिरी प्रयास कर रहा था, तभी एक चमत्कार हुआ और विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। तो आइए जानते है इसी से जुड़ी कहानी…

लैंडिंग गियर खराब हो गया


बता दें कि नेपाल में 73 विमान यात्रियों और क्रू मेंबर को दूसरी जिंदगी मिली है। दरअसल बुद्ध एयर के एक विमान के पायलट को काठमांडू त्रिभूवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद पता चल गया कि प्लेन का लैंडिंग गियर फेल हो गया है। विमान में 68 व्यक्ति, दो बच्चे और तीन नवजात यात्रियों के अलावा क्रू मेंबर सवार थे। जैसे ही विमान में आई खराबी की जानकारी एयरहोस्टेस ने यात्रियों को दी उनमें दहशत मच गई। विमान काठमांडू से नेपाल के पूर्वी तराई वाले इलाके विराटनगर जा रहा था। पायलट ने विराटनगर एटीसी को इसकी जानकारी दी।

विमान को क्रैश लैंड करवाने की शुरू हुई कोशिश


वहीं गौरतलब हो कि जब बुद्ध एयर की फ्लाइट संख्या बीएच 702 एटीआर-72 के पायलट को अहसास हुआ कि खराब लैंडिंग गियर की वजह से विराटनगर एयरपोर्ट पर उतरना असंभव होगा तो उसने विराटनगर एटीसी को इसके बारे में बताकर उसे वापस काठमांडू की ओर मोड़ दिया। क्योंकि, क्रैश लैंडिंग के लिए सुविधाओं के हिसाब से शायद काठमांडू एयरपोर्ट विराटनगर के मुकाबले ज्यादा मुनासिब लगा। यात्रियों से कहा गया कि तकनीकी समस्या की वजह से विराटनगर जाना नामुमकिन है, इसलिए काठमांडू वापस लौट रहे हैं। यात्रियों में घबराहट बढ़ती जा रही थी। उन्हें अहसास हो चुका था कि लैंडिंग गियर में टेक्निकल ग्लिच का मतलब है कि विमान को क्रैश लैंड कराना पड़ेगा, जिसमें विमान के हादसाग्रस्त होने की बहुत ज्यादा आशंका थी।

ईंधन जलाने के लिए दो घंटे आसमान में मंडराता रहा विमान


वैसे काठमांडू एयरपोर्ट से अक्सर उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए विमान के वापस लौटने की समस्या तो आम है क्योंकि, खराब मौसम के कारण कम विजिविलिटी रहने पर वहां ऐसी परेशानियां अक्सर आती रहती हैं। लेकिन, इसबार तो जान ही जोखिम में पड़ गया था। पालयट ने कई बार त्रिभूवन एयरपोर्ट पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी। लैंडिंग गियर काम ही नहीं कर पा रहा था। तब एयर होस्टेस ने यात्रियों से कहा कि ‘ईंधन को जलाया जा रहा है………’ यानी ऐसा करके क्रैश लैंडिंग की स्थिति में जोखिम को कम करने की कोशिश हो रही थी।

लैंडिंग की आखिरी कोशिश थी सबसे डरावनी


वहीं क्रू मेंबर कितना भी दिलासा देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन यात्रियों की आशंका बढ़ती ही जा रही थी। इस तरह से विमान करीब 2 घंटे तक आसमान में यूं ही मंडराता रहा और बीच-बीच में पायलट लैंडिंग कराने की कोशिश करता रहा। विमान की खिड़कियों से यात्री त्रिभूवन एयरपोर्ट का जो मंजर देख रहे थे, उससे उनका डर और बढ़ रहा था। एयरपोर्ट पर एंबुलेंस, पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां अलर्ट पर थीं। तभी पायलट ने एक घोषणा की और तमाम यात्रियों की सांसें थम गईं और आंखें अचानक बंद हो गईं कि, “अब आखिरी बार विमान की लैंडिंग की कोशिश की जा रही है।”

देखिये Video-

फ़िर देखते ही देखते वो हुआ। जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी और विमान के यात्रियों, पायलटों, क्रू मेंबर और नीचे उनके लिए प्रार्थना करने वाले हर इंसान के सामने चमत्कार था! विमान की बहुत ही सफल लैंडिंग हो चुकी थी। दरअसल, जब पायलट अंतिम बार लैंडिंग अटेंप्ट कर रहा था तभी एटीसी ने उसे बताया कि पिछला लैंडिंग गियर अब खुल चुका है और वह अब लैंडिंग करा सकता है। ऐसे में जिंदगियां बच गई थीं, सभी के चेहरों पर खुशियां थीं। यह वीडियो वरिष्ठ पत्रकार संजय बरागटा ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है और अब वह वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीक़े से शेयर किया जा रहा है।

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