क्या जलपरी सच में इस दुनिया में होती हे ? रहस्य और क्या है सच?

क्या जलपरी सच में इस दुनिया में होती हे ? रहस्य और क्या है सच?

जलपरियां आज भी दुनिया के लिए ये रहस्य हैं। लेकिन कई लोगों ने जलपरियों को देखने का दावा किया है। यही नहीं इनके शव और अवशेष की तस्वीरें भी लोगों के बीच वायरल हुई हैं। ऐसी ही एक जलपरी भारत, हवाई और मिस्र के समुद्री तट पर भी नजर आई थी। जानिए कहा है अब ये जलपरी।

जलपरियों से जुड़े किस्से सुनना आज भी हर शख्स को अच्छा लगता है। लेकिन आज से कुछ समय पहले गुजरात के तट पर एक जलपरी के शव मिलने से सनसनी फैल गई थी।

असल में भारत या किसी अन्य देश में अब तक किसी को न तो कोई जलपरी दिखी है और न ही मिली है। फिर भी इस जलपरी की वीडियो को इंटरनेट पर करोड़ो बार देखा गया।

जलपरी जिसे अंग्रेजी में Mermaid कहा जाता है जो पानी की एक काल्पनिक परी है जिसका सर और धड मानव स्त्री का और निचे का हिस्सा मछली जैसा होता है. सदियों से, जलपरियों ने नाविकों और जमींदारों दोनों की कल्पनाओं पर कब्ज़ा किया है और ये लोग लहरों के नीचे छिपे हुए मछली के लोगों के विचार से मोहित हो गए हैं.

जलपरियों दुनिया की कई संस्कृतियों की लोक कथाओं में पायी जाती है जिसमे यूरोप, अफ्रीका और एशिया शामिल हैं. यूरोपीय लोककथाओं में, जलपरियाँ प्राकृतिक प्राणी थी, जो परियों की तरह जादुई और भविष्यवाणिय शक्तियां रखते थे

जलपरियों को कई बार बाढ़, तूफ़ान और समुद्री ज़हाजों के डूबने जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के साथ जोड़ा जाता है. कई अन्य संस्कृतियों में जलपरियों को दयालु, उपकारी और मानवों को वरदान देने या फिर उनसे प्रेम करने वाली एक खुबसूरत जलपरी माना जाता है.

चीनी कथाओं में जलपरी को एक बेहद ख़ास जीव माना जाता है. चीन में यह मान्यता है की जलपरी के आंसू मोतियों में बदल जाते हैं.

2009 की खबरों में दावा किया गया था कि एक मरमेड ने किरत यम के शहर इज़राइल के तट पर देखा था। वो सूर्यास्त से पहले दर्शकों के लिए कुछ तरकीबें दिखाती थी, फिर रात के लिए गायब हो जाती थी.

उस जलपरी को देखने वाले पहले लोगों में से एक, श्लोमो कोहेन ने कहा, “मैं दोस्तों के साथ था जब अचानक हमने देखा कि एक महिला अजीब तरीके से रेत पर लेटी हुई थी. पहले मुझे लगा कि वह सिर्फ एक महिला है जो धूप सेंक रही थी, लेकिन जब हम उसके पास पहुंचे तो वो पानी में कूद गइ और गायब हो गई. हम सभी सदमे में थे क्योंकि हमने देखा कि उसकी एक पूंछ थी.”

इसी तरह वर्ष 2016 में भारत में एक अनोखा केस सामने आया था जिसमे उत्तर प्रदेश में एक बच्चा पैदा हुआ जो की एक दम जलपरी जैसा दीखता था. पर दुर्भाग्यवश यह बच्चा केवल 10 मिनिट के लिए ही जीवित रह पाया था.

डॉक्टर वंदना आर्य जिन्होंने इस बच्चे की डिलीवरी करी थी उन्होंने कहा की उन्होंने अपनी ज़िन्दगी में पहली बार ऐसा केस देखा है और ये ही नहीं उस बच्चे के हाथ भी जालीदार थे जैसा की पानी में रहने वाले जीवों के होते हैं. ऐसा भारत में पहली बार देखा गया था.

ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ी लिंडसे फिट्सहैरिस बताती हैं की ये एक मेडिकल कंडीशन है जो की एक लाख बच्चे में किसी एक को होती है. इस बीमारी में किसी नवजात के पैर निचे से चिपके हो

कई बार ऐसी आकृति प्राकृतिक गड़बड़ी से भी बनती है। मरमेड सिंड्रोम नाम की एक बीमारी होती है जिसके चलते किसी नवजात के पैर नीचे से चिपके ही रह जाते हैं। जब गर्भ में विकास के दौरान मां की गर्भनाल दो धमनियां बनाने में असफल हो जाती है, तो बच्चे के पैर अलग नहीं हो पाते हैं और वह चिपके ही रहकर नीचे से मछली का आकार ले लेते हैं।

लेकिन वैज्ञानिक जलपरियों के अस्तित्व को नहीं मानते, उनके अनुसार जलपरियाँ सिर्फ मानव की कल्पना है. उनके अनुसार ऐसे जिव का अस्तित्व पृथ्वी पर कभी था ही नहीं. लेकिन फिर भी आपने जो यहाँ पर इसके इतिहास और कहानी के बारे में जो भी पढ़ा वो भी असत्य नहीं है.

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