छोटी बहन के नोट्स से पढ़ाई कर UPSC में हासिल की तीसरी रैंक पढ़िए अंकिता जैन की प्रेरक कहानी

छोटी बहन के नोट्स से पढ़ाई कर UPSC में हासिल की तीसरी रैंक पढ़िए अंकिता जैन की प्रेरक कहानी

संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC के नतीजे कल घोषित कर दिए गए। इसमें बिहार के शुभम कुमार को पहली रैंक मध्य प्रदेश की जागृति अवस्थी को दूसरी रैंक जबकि उत्तर प्रदेश के आगरा की अंकिता जैन को तीसरी रैंक हासिल हुई है। यूपीएससी ने शुक्रवार शाम को परीक्षा के नतीजे घोषित किए जिसमें 545 पुरुष और 216 महिलाओं का चयन हुआ। टॉप 25 में भी 12 पुरुष और 13 महिलाएं हैं। ऑल इंडिया में तीसरी रैंक लाने वाली अंकिता जैन की कहानी हम आपको यहां बता रहे हैं जिन्होंने शादी के बाद अपनी बहन के नोट्स से पढ़ाई कर देश की सबसे कठिन परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल की है‌।

अंकिता शुरू से ही पढ़ाई अच्छी हैं। उन्होंने दिल्ली के ही विक्टोरिया गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, राजपुर रोड से 10वीं 91.6 फीसदी अंकों के साथ व 12वीं 94 फीसदी अंकों के साथ पास की थी। बाद में दिल्ली की टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की और पिछले चार साल यानी 2017 से ही वह सिविल सर्विसेज एग्जाम की तैयारी कर रही थी। एक साल बाद ही 2018 में उनका चयन चयन इंडियन ऑडिट एंड काउंट्स सर्विसेज में हो गया था। वह ट्रेनिंग के साथ ही एग्जाम की तैयारी भी कर रही थी इस दौरान उन्हें ट्रेनिंग में भी रजत पदक प्राप्त हुआ था, फिलहाल उनकी पोस्टिंग मुंबई में है।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि मुझे पूरी उम्मीद थी कि मैं परीक्षा में अच्छा करूंगी लेकिन यह नहीं पता था कि तीसरी रैंक मिलेगी। जब रिजल्ट घोषित हुआ और बहन वैशाली ने बताया तो यकीन नहीं हुआ। मैंने उससे कहा कि यह फेक हो सकता है यूपीएससी की ऑफिशल वेबसाइट पर चेक करें। वहां पर भी नाम तीसरे नंबर पर होने के बाद यकीन हुआ की तीसरी रैंक ही आई है। मैं अपनी बहन वैशाली के बनाए नोट से पढ़ती थी, उसकी भी परीक्षा में 21वी रैंक आई है।

दिल्ली के शास्त्री नगर की रहने वाली अंकिता जैन शादीशुदा हैं और उत्तर प्रदेश के आगरा में रहती हैं। उनके पति भी अभिनव त्यागी भी आईपीएस अधिकारी हैं जो फिलहाल महाराष्ट्र के गोंदिया में एसपी के पद पर तैनात हैं। अंकिता की शादी दो महीने पहले ही हुई है और उनके सांस-ससुर डॉ राकेश और सविता त्यागी आगरा के जाने माने डॉक्टर है। मूल रूप से राजस्थान के अलवर की रहने वाली अंकिता के माता पिता फिलहाल दिल्ली में ही रहते हैं उनके पिता व्यवसाई और मां हाउसवाइफ है।

सफलता के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए अंकिता ने परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अपनी सफलता के टिप्स दिए हैं। उन्होंने कहा अभ्यर्थी सबसे पहले अपनी कमियों को पहचानें और उन्हें दूर करें, इससे सफलता की राह आसान हो जाएगी। जब उनसे पूछा गया कि वह किस क्षेत्र में काम करना चाहती हैं तो उन्होंने बताया कि IAS के तौर महिला सशक्तीकरण और बाल विकास के क्षेत्र में काम करना चाहती हैं।‌‌इसके साथ ही वह झुग्गियों में रहने वाले बच्चों की शिक्षा पर भी काम करना चाहती है ताकि वह भी पढ़ कर आगे बढ़ सके।

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