अपने आप बढ़ती जा रही दुनिया की यह सब से लम्बी गुंफा, दिल्ली से वैष्णो देवी तक है लंबाई

अपने आप बढ़ती जा रही दुनिया की यह सब से लम्बी गुंफा, दिल्ली से वैष्णो देवी तक है लंबाई

दुनिया में गुफाओं का इतिहास बहुत पुराना रहा है यहां तक कि आदिमानव भी गुफा में रहते थे और गुफाओं के जरिए रास्ता भी तय करते थे। राजा महाराजा भी सुरक्षित सफर करने के लिए गुफा को ही पहला विकल्प मानते थे क्योंकि ये बाहरी आक्रमण से बचने का भी सबसे सुरक्षित रास्ता था। यूं तो दुनिया में कई गुफाएं और सुरंगे हैं और कईं ऐसी भी हैं जिन्हें आज तक इंसान बुझ नहीं पाया है। अमेरिका में ऐसी ही एक गुफा है केंटकी मेमोथ गुफा जिसका अंतिम छोर अब तक भी नहीं पता है और यह हर साल बढ़ जाता है। इसी गुफा को दुनिया की सबसे लंबी गुफा भी कहा जाता है।

यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में मौजूद मेमोथ गुफा को फ्लिंट रिज केव सिस्टम भी कहा जाता है। यह नॉर्थ अमेरिका के ब्रोन्सवाइल में केंटकी नेशनल पार्क में स्थित है इसीलिए इसका नाम केंटकी मेमोथ रखा गया है। हर साल यहां लाखों की तादाद में पर्यटक घूमने आते हैं। इस इलाके को 1941 में नेशनल पार्क घोषित किया गया था जबकि इस गुफा के बारे में 1969 पता चला। मेमोथ दुनिया की सबसे लंबी गुफा है। इसकी लंबाई लगभग 420 मील यानी करीब 680 किलोमीटर है। ये मैक्सिको में मौजूद दुनिया की दूसरी सबसे लंबी गुफा से दो गुना लंबी है।

विशेषज्ञों के मुताबिक जब इसे खोजा गया था तब यह केवल 105 किलोमीटर लंबी थी। लेकिन समय के साथ बढ़ते-बढ़ते इसकी लंबाई अब 680 किलोमीटर हो चुकी है। बताया जाता है कि यह गुफा हर साल 13 किलोमीटर आगे बढ़ जाती है। खास बात यह भी है की गुफा सीधी नहीं है बल्कि इसमें कई सारे अलग-अलग गलियारे बने हुए है जिनमें कईं ऐसे गलियारे हैं जिनका आखिरी छोर अभी तक पता नहीं है।

1972 में Cave Research Foundation ने इसकी जांच की थी। इसी में पता चला कि इसके अंदर कईं रास्ते खुले हुए हैं। गुफा का आकार भी कहीं पर बहुत चौड़ा और कहीं पर सकरा है।‌‌ प्रशासन ने इसे काफी अच्छे से पर्यटक स्थल के रूप में बसा रखा है।

CRF के मुताबिक मेमोथ गुफा चूना पत्थर से बनी गुफा है। बारिश के दौरान नदियों का पानी जमीन की सतह के जरिए रिसता रहा और जमीन के अंदर अपना रास्ता बनाता रहा। इसी कारण यह गुफा बनी है और हर साल बारिश का दौर बना रहता है इसी कारण यह गुफा हर साल लगभग 13 किलोमीटर आगे बढ़ती रहती है। हालांकि एक सच यह भी है कि लाइमस्टोन यानी कि चुना पत्थर और रेत की जगह होने की वजह से ही यह गुफा अब तक वैसी की वैसी बनी हुई है और मजबूत है।

US TODAY के मुताबिक सीआरएफ द्वारा जारी की गई नई रिपोर्ट में बताया गया है कि मेमोथ केव की लंबाई 8 मील यानी 13 किलोमीटर और बढ़ गई है। अब गुफा के गलियारों की लंबाई 420 मील यानी 676 किमी पाई गई है। इसे अगर भारत के लिहाज से समझें तो ये दूरी दिल्ली से माता वैष्णो देवी कटरा तक की दूरी (631 किमी) के बराबर है।

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