तीन बार असफल हुए फिर भी नहीं माने हार, चौथे प्रयास में अमित बने IAS, जानें उनकी सफलती की कहानी

तीन बार असफल हुए फिर भी नहीं माने हार, चौथे प्रयास में अमित बने IAS, जानें उनकी सफलती की कहानी

देश की सबसे कठिन परीक्षा में कामयाबी प्राप्त करने का सफर काफी उतार-चढ़ाव से भरा हुआ होता है। कोई अपने कठिन परिश्रम और लगन के चलते पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त कर लेता है तो किसी को कई प्रयास और सालों की मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल होता है। ऐसी ही एक कहानी है अमित काले की जिन्होंने सिविल सेवा परीक्षा के चौथे प्रयास में अपना सपना साकार किया।

अमित काले के संघर्ष की कहानी काफी प्रेरणादायक है। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा के पहले दो प्रयास में प्रीलिम्स परीक्षा तो पास कर ली थी लेकिन फाइनल राउंड तक नहीं पहुंच पाए थे। दो बार असफल होने के बावजूद भी अमित ने कभी हार नहीं मानी और सिर्फ पढ़ाई में लगे रहे। अपने तीसरे प्रयास में अमित ने पहले से बेहतर प्रदर्शन किया और सफलता भी प्राप्त कर ली लेकिन उन्हें मनचाहा पद नहीं मिला। आईएएस अधिकारी बनने का सपना देखने वाले अमित ने संतुष्ट होने की जगह दोबारा सिविल सेवा परीक्षा देने का मन बनाया। आखिरकार, अमित ने साल 2018 में सिविल सेवा परीक्षा के चौथे प्रयास में सफलता हासिल की और मनचाहा पद भी प्राप्त किया।

अमित का मानना है कि सिविल सेवा परीक्षा के लिए अपनी क्षमता के अनुसार रणनीति तैयार करनी चाहिए। इस परीक्षा में जो विषय कठिन लग रहा है, उस पर ज्यादा फोकस करें। बाकी विषयों को पढ़ने के बाद कठिन विषयों की तैयारी के लिए अलग से समय निकालें। पढ़ाई के साथ ही टाइम मैनेजमेंट पर भी ध्यान दें। इसके लिए आप पिछले साल के पेपर तय समय में हल करने का अभ्यास कर सकते हैं।

अमित के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा के लिए सीमित और चुनिंदा किताबों से तैयारी करें। इसके अलावा आप पढ़ाई के लिए इंटरनेट का भी उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, पढ़ाई के साथ ही नियमित रूप से रिवीजन और आंसर राइटिंग प्रैक्टिस करना बेहद आवश्यक है। इस कठिन परीक्षा में एक बार में सफलता प्राप्त करना काफी मुश्किल होता है इसलिए असफल होने पर निराश होने की जगह दोगुने जोश के साथ वापस प्रयास करना चाहिए।

आसान विषयों को पहले पढ़ें 
अमित काले के मुताबिक परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने सबसे पहले स्टडी मैटेरियल तैयार किया. इस दौरान उन्होंने देखा कि उनका कौन सा विषय मजबूत है और कौन सा विषय कमजोर है. इसके बाद उन्होंने सबसे पहले सरल विषय की पढ़ाई की और बाद में कठिन विषयों पर फोकस किया. उनके मुताबिक हर कैंडिडेट की क्षमताओं के अनुसार सब्जेक्ट कठिन या आसान लग सकते हैं. ऐसे में आप पहले यह तय कर लें और फिर उसी हिसाब से तैयारी करें.

प्री की परीक्षा में हर बार हुए सफल
अमित काले ने यूपीएससी की प्री परीक्षा चारों प्रयास में पास की. शुरुआती 2 प्रयासों में वह फाइनल राउंड तक नहीं पहुंच पाए. लेकिन तीसरे प्रयास में परीक्षा पास कर ली. इस बार उनकी रैंक अच्छी नहीं आई और उन्हें आईएएस सेवा नहीं मिली. ऐसे में उन्होंने एक बार फिर प्रयास किया और साल 2018 में मन मुताबिक सफलता हासिल कर ली.

अन्य अभ्यर्थियों को सलाह
यूपीएससी की तैयारी करने वाले अन्य अभ्यर्थियों को लेकर अमिल काले का कहना है कि आपको सबसे पहले खुद की क्षमताओं का आकलन कर लेना चाहिए और उसी हिसाब से आगे बढ़ना चाहिए. दूसरे की कॉप करके पढ़ाई न करें, क्योंकि सबका दिमाग अलग-अलग और तरीका अलग होता है. अमित का कहना है कि असफलता से डरे नहीं और मेहनत करते रहे, एक न एक दिन आपको सफलता जरूर मिलेगी.

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